बरसात में बच्चों की सेहत पर खास ध्यान दें, इन आदतों से मिल सकता है बचाव
(India) बरसात का मौसम अपने साथ कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएँ लेकर आता है। इस दौरान वातावरण में नमी बढ़ने के कारण बैक्टीरिया और वायरस तेजी से फैलते हैं। खासकर बच्चों में उल्टी-दस्त (डायरिया और वॉमिटिंग) की समस्या अधिक देखने को मिलती है। समय पर ध्यान न देने पर यह स्थिति गंभीर रूप भी ले सकती है।

उल्टी-दस्त के सामान्य कारण- गंदा या दूषित पानी पीना, बाहर का बासी या असुरक्षित भोजन खाना, हाथों की साफ-सफाई न रखना, बारिश के मौसम में मक्खियों और मच्छरों का बढ़ना इन वजहों से भी हो सकता है।


बचाव के उपाय–
1. साफ पानी पिलाएँ– बच्चों को केवल उबला हुआ या फिल्टर किया हुआ पानी ही दें।
2. घर का ताजा खाना– बाहर का भोजन या कटे-फटे फल देने से बचें।
3. हाथों की स्वच्छता– बच्चों को खाने से पहले और बाद में साबुन से हाथ धोने की आदत डालें।
4. भीगने से बचाएँ– बारिश में भीगने के बाद तुरंत कपड़े बदलें और शरीर को सूखा रखें।
5. ओआरएस का उपयोग– यदि बच्चा उल्टी-दस्त से परेशान हो तो उसे तुरंत ओआरएस घोल दें, ताकि शरीर में पानी और नमक की कमी न हो।


अगर लगातार उल्टी या दस्त हो रहा और बच्चे को तेज बुखार भी हो साथ ही शरीर में कमजोरी या पेशाब कम होना, बार-बार रोना और चिड़चिड़ापन हो तो ऐसे में तुरंत डॉक्टर से कब संपर्क करें।

विशेषज्ञों का मानना है कि बरसात के मौसम में थोड़ी सी सावधानी अपनाकर बच्चों को गंभीर बीमारियों से बचाया जा सकता है। साफ-सफाई और सही खानपान ही सबसे बड़ा सुरक्षा कवच है।

Author: JAN TV Editorial Team

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