भारत में इस घटनाक्रम पर वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने सतर्क रुख अपनाया है। मंत्री Piyush Goyal के नेतृत्व में मंत्रालय ने कहा है कि वह अमेरिकी फैसले और उसके बाद उठाए गए नए कदमों के प्रभावों का विस्तृत अध्ययन कर रहा है। आधिकारिक बयान में स्पष्ट किया गया कि भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों पर संभावित असर का विश्लेषण किया जा रहा है और उसी आधार पर आगे की रणनीति तय होगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि हालिया व्यापार वार्ताओं के बाद भारतीय उत्पादों पर शुल्क में जो राहत मिली थी, उस पर नए 10 प्रतिशत ग्लोबल टैरिफ का असर पड़ सकता है। ऐसे में भारतीय निर्यातकों और नीति-निर्माताओं की नजर अब 24 फरवरी से लागू होने वाले नियमों पर टिकी है। यह फैसला न सिर्फ द्विपक्षीय व्यापार समीकरण बल्कि वैश्विक बाजार की दिशा पर भी प्रभाव डाल सकता है।
Author: JAN TV Editorial Team
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