ट्रंप के टैरिफ पर अमेरिकी अदालत की रोक, भारत ने शुरू किया असर का आकलन
(India) अमेरिका की सर्वोच्च अदालत Supreme Court of the United States ने राष्ट्रपति Donald Trump द्वारा लगाए गए व्यापक आयात शुल्क को अवैध करार देते हुए बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने माना कि 1977 के इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट के तहत टैरिफ लगाने का अधिकार सीमित है और संविधान के अनुसार यह शक्ति कांग्रेस के पास है। हालांकि फैसले के कुछ ही घंटों बाद ट्रंप प्रशासन ने ट्रेड एक्ट 1974 की धारा 122 का सहारा लेते हुए 150 दिनों के लिए 10 प्रतिशत का अस्थायी वैश्विक टैरिफ लागू करने की घोषणा कर दी, जो 24 फरवरी से प्रभावी होगा।
भारत में इस घटनाक्रम पर वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने सतर्क रुख अपनाया है। मंत्री Piyush Goyal के नेतृत्व में मंत्रालय ने कहा है कि वह अमेरिकी फैसले और उसके बाद उठाए गए नए कदमों के प्रभावों का विस्तृत अध्ययन कर रहा है। आधिकारिक बयान में स्पष्ट किया गया कि भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों पर संभावित असर का विश्लेषण किया जा रहा है और उसी आधार पर आगे की रणनीति तय होगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि हालिया व्यापार वार्ताओं के बाद भारतीय उत्पादों पर शुल्क में जो राहत मिली थी, उस पर नए 10 प्रतिशत ग्लोबल टैरिफ का असर पड़ सकता है। ऐसे में भारतीय निर्यातकों और नीति-निर्माताओं की नजर अब 24 फरवरी से लागू होने वाले नियमों पर टिकी है। यह फैसला न सिर्फ द्विपक्षीय व्यापार समीकरण बल्कि वैश्विक बाजार की दिशा पर भी प्रभाव डाल सकता है।

Author: JAN TV Editorial Team

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