हालांकि पिछली तिमाही में वृद्धि दर 8.2 प्रतिशत थी, जिसके मुकाबले इस बार मामूली गिरावट दिखी है। फिर भी सालाना आधार पर स्थिति बेहतर रही है, क्योंकि पिछले वर्ष की समान तिमाही में वृद्धि दर 6.2 प्रतिशत दर्ज की गई थी। इस लिहाज से आर्थिक गतिविधियों में स्पष्ट सुधार दिखाई देता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि त्योहारी सीजन के दौरान बढ़ी उपभोक्ता मांग और सरकार द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में की गई जीएसटी दरों में कटौती ने उत्पादन और खपत को गति दी। इन कारकों ने मिलकर विकास दर को सहारा दिया। बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद व्यापक आर्थिक संकेतक यह दर्शाते हैं कि विकास की रफ्तार अभी भी मजबूत बनी हुई है।
Author: JAN TV Editorial Team
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