इस ऐप के माध्यम से श्रद्धालुओं को आधार नंबर और अन्य जरूरी जानकारी देनी होगी, जिससे ट्रस्ट को भीड़ प्रबंधन में मदद मिलेगी। साथ ही, श्रद्धालुओं की भाषा और क्षेत्रीय पृष्ठभूमि के आधार पर व्यवस्थाएं भी बेहतर ढंग से की जा सकेंगी।
मंदिर प्रशासन के अनुसार, इस तकनीक के जरिए अलग-अलग क्षेत्रों से आने वाले भक्तों की जरूरतों को समझते हुए स्टाफ की तैनाती की जाएगी, जिससे दर्शन का अनुभव अधिक सुगम और व्यवस्थित होगा।
इसके अलावा, ट्रस्ट ने मंगला आरती को लेकर नियमों में भी बदलाव किया है। अब कोई भी श्रद्धालु 90 दिनों के भीतर केवल एक बार ही मंगला आरती में शामिल हो सकेगा। इस अवधि के भीतर दोबारा रजिस्ट्रेशन करने पर आवेदन स्वतः ही खारिज हो जाएगा।
प्रशासन का मानना है कि इस कदम से दलालों और बिचौलियों की भूमिका पर अंकुश लगेगा और आम श्रद्धालुओं को पारदर्शी तरीके से दर्शन का लाभ मिल सकेगा।
Author: JAN TV Editorial Team
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