यह विशेष तपस्या Aghori Sitaram Baba Ashram में की जा रही है, जहां चारों ओर जलती अग्नि, भस्म से लिपटे साधु-संत और शिव मंत्रों की गूंज आध्यात्मिक माहौल बना रही है।
योगिनी अन्नपूर्णा नाथ रोज़ करीब तीन घंटे पंद्रह मिनट तक नौ अग्नियों के बीच बैठकर भगवान शिव की आराधना और मंत्र जाप करती हैं। उन्होंने बताया कि यह ‘अग्नि तपस्या’ उनकी साधना का हिस्सा है, जो 3 मई से शुरू हुई और 25 मई तक चलेगी।
योगिनी के अनुसार, तपस्या केवल आध्यात्मिक अभ्यास नहीं बल्कि साधना का परिणाम है, जिसे वह विश्व शांति और सकारात्मक ऊर्जा के लिए समर्पित कर रही हैं।
इस अनोखी साधना को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु और स्थानीय लोग आश्रम पहुंच रहे हैं।
Author: JAN TV Editorial Team
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