वित्त वर्ष 2024-25 में आरबीआई ने 2.69 लाख करोड़ रुपये का लाभांश दिया था, जो इससे पिछले वर्ष की तुलना में 27.4 प्रतिशत अधिक था। वहीं, 2023-24 में यह राशि 2.1 लाख करोड़ रुपये और 2022-23 में 87,416 करोड़ रुपये थी।
यह निर्णय आरबीआई के केंद्रीय निदेशक मंडल की 623वीं बैठक में लिया गया, जिसकी अध्यक्षता गवर्नर संजय मल्होत्रा ने की।
आरबीआई के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में जोखिम प्रावधान और वैधानिक कोष में हस्तांतरण से पहले शुद्ध आय 3,95,972.10 करोड़ रुपये रही, जबकि पिछले वित्त वर्ष में यह 3,13,455.77 करोड़ रुपये थी।
बैंक के मुताबिक, 31 मार्च 2026 तक आरबीआई का बैलेंस शीट 20.61 प्रतिशत बढ़कर 91,97,121.08 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आरबीआई के इस बड़े लाभांश से सरकार के राजकोषीय घाटे को संतुलित करने में मदद मिल सकती है।
Author: JAN TV Editorial Team
DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।