अधिक मास पूर्णिमा पर आस्था का सैलाब, प्रयागराज, अयोध्या और हरिद्वार में उमड़े श्रद्धालु
(India) अधिक मास पूर्णिमा के अवसर पर रविवार को उत्तर भारत के कई धार्मिक नगरों में आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ पवित्र नदियों के तटों पर जुटी और स्नान, पूजा-अर्चना तथा धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया।

उत्तर प्रदेश के Prayagraj में गंगा, यमुना और पौराणिक सरस्वती के संगम तट पर हजारों श्रद्धालुओं ने पवित्र स्नान किया। इस दौरान भगवान विष्णु और भगवान शिव की विशेष पूजा-अर्चना की गई। श्रद्धालुओं का मानना है कि अधिक मास पूर्णिमा पर संगम स्नान करने और दान-पुण्य करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं तथा जीवन में सुख-समृद्धि आती है।

वहीं, Ayodhya में भी सरयू नदी के घाटों पर श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। श्रद्धालुओं ने सरयू स्नान कर मां सरयू और भगवान राम की पूजा-अर्चना की। लोगों ने परिवार की सुख-समृद्धि, शांति और कल्याण की कामना की।

इसी तरह Haridwar में हर की पैड़ी पर सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगा स्नान के लिए पहुंचे। घाटों पर धार्मिक अनुष्ठान, भजन-कीर्तन और आरती का आयोजन किया गया, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।

हिंदू पंचांग के अनुसार अधिक मास, जिसे पुरुषोत्तम मास भी कहा जाता है, भगवान विष्णु को समर्पित माना जाता है। यह अतिरिक्त महीना कुछ वर्षों के अंतराल पर चंद्र और सौर कैलेंडर के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए जोड़ा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस महीने में पूजा-पाठ, व्रत, दान और आध्यात्मिक साधना का विशेष महत्व होता है।

अधिक मास पूर्णिमा के अवसर पर देशभर के प्रमुख तीर्थस्थलों पर श्रद्धालुओं ने आस्था के साथ पूजा-अर्चना कर सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।

Author: JAN TV Editorial Team

DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।