मुख्यमंत्री ने रविवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ लखनऊ छावनी को मॉडल छावनी के रूप में विकसित करने के लिए 101 करोड़ रुपये की 12 विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और भूमि पूजन किया। इन परियोजनाओं का उद्देश्य छावनी क्षेत्र में आधुनिक सुविधाओं का विस्तार करना और सैन्यकर्मियों, पूर्व सैन्यकर्मियों तथा सिविलियन के लिए बेहतर जन-सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश ने पिछले 9 वर्षों में सुरक्षा और सुशासन की नई यात्रा तय की है। लखनऊ में एआई आधारित सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के साथ स्कूल में अभ्युदय कोचिंग की व्यवस्था भी शुरू होने जा रही है।
मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि लखनऊ छावनी परिषद ‘आदर्श’ बनकर विकास और जन-सुविधाओं का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगी तथा ‘ईज ऑफ लिविंग’ के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में आगे बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि बदलते परिवेश में लखनऊ में इन आधुनिक सुविधाओं की जरूरत थी और रक्षा मंत्रालय की ओर से यह सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने लखनऊ के बदलाव का जिक्र करते हुए कहा कि कभी राजधानी के रेलवे स्टेशन पर ‘मुस्कुराइए, आप लखनऊ में हैं’ लिखा होता था, लेकिन ट्रैफिक जाम, संकरी गलियों और गंदगी के कारण लोग मुस्कुराने के बजाय परेशान होते थे। अब लखनऊ ने अपनी पुरानी विरासत के साथ आधुनिक स्मार्ट सिटी के रूप में नई पहचान बनाई है।
उन्होंने कहा कि लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह के नेतृत्व में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के सपनों को साकार करने का काम हुआ है। शहर में संकरी गलियों के साथ सीएम ग्रिड की स्मार्ट रोड, किसान पथ जैसा आउटर रिंग रोड और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर मौजूद है।
सीएम योगी ने कहा कि लखनऊ में ऊदा देवी पासी और महाराजा बिजली पासी की स्मृतियां और धरोहर हैं तो दूसरी ओर शहर भारत की रक्षा जरूरतों और आत्मनिर्भरता की दिशा में ब्रह्मोस जैसी आधुनिक मिसाइलों का केंद्र भी बन रहा है। लखनऊ की चिकनकारी को उन्होंने हस्तशिल्प की अद्भुत कला बताते हुए कहा कि यूनेस्को ने लखनऊ को ‘क्रिएटिव सिटी ऑफ गैस्ट्रोनॉमी’ के रूप में मान्यता देकर नई पहचान दी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश पहचान के संकट, अभाव, अराजकता और अव्यवस्था से जूझ रहा था। पिछले 9 वर्षों में प्रदेश को नई दिशा देने का प्रयास किया गया है। आज उत्तर प्रदेश भारत की अर्थव्यवस्था में ग्रोथ इंजन के रूप में अपनी भूमिका निभा रहा है।
उन्होंने कहा कि भारत की आत्मनिर्भरता के लिए उत्तर प्रदेश में छह डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर भी स्थापित किए जा रहे हैं। प्रदेश अब इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए भी जाना जा रहा है।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, देश में मौजूद एक्सप्रेसवे में करीब 60 प्रतिशत उत्तर प्रदेश में हैं। प्रदेश में रेलवे का बड़ा नेटवर्क और देश में सर्वाधिक मेट्रो नेटवर्क में से एक है। उन्होंने मेट्रो के द्वितीय चरण की स्वीकृति दिलाने के लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का धन्यवाद किया।
सीएम ने कहा कि देश की पहली रैपिड रेल, पहला वाटर-वे और बड़े एयर कनेक्टिविटी नेटवर्क में उत्तर प्रदेश की महत्वपूर्ण भूमिका है। प्रदेश में 17 घरेलू और 5 अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट क्रियाशील हैं, जिससे यूपी से देश और दुनिया के विभिन्न हिस्सों तक एयर कनेक्टिविटी उपलब्ध है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सैन्य बलों की सेवाओं में उत्तर प्रदेश हमेशा अग्रणी रहा है। देश में सैनिक स्कूलों की परंपरा की शुरुआत डॉ. संपूर्णानंद ने उत्तर प्रदेश से की थी। प्रदेश में बने कई सैनिक स्कूल युवाओं को तैयार कर रहे हैं, जो वर्तमान और भविष्य के भारत की सुरक्षा जरूरतों में योगदान देंगे।
उन्होंने कहा कि सेना के अधिकारी और जवान 24 घंटे भारत की रक्षा में जुटे रहते हैं। पहले उनकी सुविधाओं के लिए फंड की कमी सामने आती थी, लेकिन अब ऐसी स्थिति नहीं है।
कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण, व्यावसायिक शिक्षा मंत्री कपिलदेव अग्रवाल, महापौर सुषमा खर्कवाल, राज्यसभा सांसद डॉ. दिनेश शर्मा, संजय सेठ, विधान परिषद सदस्य लालजी प्रसाद निर्मल, रामचंद्र प्रधान, मुकेश शर्मा, विधायक डॉ. नीरज बोरा, ओपी श्रीवास्तव, जनरल ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ (मध्य कमान) लेफ्टिनेंट जनरल अनिंद्य सेनगुप्ता और भारतीय रक्षा संपदा सेवा की महानिदेशक शोभा गुप्ता समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
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