मुख्यमंत्री ने सदर, कायमगंज और अमृतपुर तहसीलों में बाढ़ के हालात का हवाई सर्वेक्षण किया। इसके बाद पुलिस लाइन में आयोजित कार्यक्रम में 1000 बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री वितरित की गई। मुख्यमंत्री ने कई परिवारों को अपने हाथों से राहत सामग्री प्रदान की। इसके साथ ही आश्रयहीन परिवारों को भूमि आवंटन प्रमाण पत्र और आपदा मोचक निधि से राहत राशि के चेक भी दिए गए। मुख्यमंत्री ने बाढ़ पीड़ित परिवारों से संवाद कर उनका दुख साझा किया और भरोसा दिलाया कि सरकार हर दुख-दर्द में उनके साथ खड़ी है।
सीएम योगी ने बाढ़ से फसलों को हुए नुकसान का सर्वे कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सर्वे रिपोर्ट आने के बाद किसानों के खातों में DBT के माध्यम से सहायता राशि भेजी जाएगी। उन्होंने प्रशासन, PWD और संबंधित विभागों को बाढ़ का पानी उतरते ही क्षतिग्रस्त सड़कों का निर्माण तत्काल शुरू कराने के निर्देश भी दिए।
मुख्यमंत्री ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव के लिए 24 घंटे कंट्रोल रूम, बाढ़ चौकियां और राहत शिविर संचालित किए जा रहे हैं। जिन गांवों में पानी पहुंच गया है, वहां प्रभावित परिवारों के लिए रहने और भोजन की व्यवस्था की गई है। जो लोग अपने घरों में सुरक्षित रह सकते हैं, उन्हें 50 किलो की राहत सामग्री किट उपलब्ध कराई जा रही है। इस किट में आटा, चावल, आलू, अरहर दाल, तेल, चना, लाई, मसाले, बाल्टी, बरसाती और डिग्निटी किट समेत 50 सामग्री शामिल हैं।
स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ के मौसम में सांप, बिच्छू और अन्य विषैले जीवों का खतरा बढ़ जाता है। इसे देखते हुए CHC और जिला अस्पतालों में एंटी स्नेक वेनम, एंटी रेबीज वैक्सीन और पर्याप्त दवाओं की व्यवस्था की गई है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पशुओं के चारे, वैक्सीन और दवाओं की भी व्यवस्था की जा रही है। बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए पहली बार शिक्षक शिविरों और गांवों में जाकर कक्षाएं भी संचालित कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि फर्रुखाबाद अब बदल चुका है और यहां विकास की नई परियोजनाएं आगे बढ़ रही हैं। गंगा एक्सप्रेसवे का लिंक एक्सप्रेसवे फर्रुखाबाद से जुड़ेगा और बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के साथ कनेक्टिविटी बढ़ेगी। सड़कों के चौड़ीकरण, ओवरब्रिज और गांवों की कनेक्टिविटी बेहतर करने के लिए जनप्रतिनिधियों से प्रस्ताव मांगे गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर सड़कों के कारण बाढ़ के बावजूद क्षेत्र में कनेक्टिविटी बनी हुई है।
किसानों को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि फर्रुखाबाद प्रमुख कृषि क्षेत्र है और यहां बड़ी संख्या में आलू किसान हैं। कोल्ड स्टोरेज में रखे आलू के लिए किसानों को प्रति बोरा धनराशि की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, किसान सम्मान निधि, फसल खरीद और मक्का के क्रय केंद्र जैसी व्यवस्थाएं उपलब्ध करा रही है। आगरा में पेरू की मदद से आलू का अंतरराष्ट्रीय केंद्र भी काम कर रहा है, जिससे किसानों को वैश्विक बाजार की मांग के अनुरूप उत्पादन और वैल्यू एडिशन से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने युवाओं के रोजगार का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अब बिना भेदभाव हर जनपद के युवाओं को सरकारी नौकरी मिल रही है और युवाओं के रोजगार से कोई खिलवाड़ नहीं कर सकता। CM युवा उद्यमी विकास अभियान, ODOP और निवेश परियोजनाओं के माध्यम से रोजगार के नए अवसर तैयार किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सुरक्षा के बेहतर माहौल के कारण बड़े पैमाने पर निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जिससे युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
बेटियों की शिक्षा और युवाओं की स्किलिंग को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि CM युवा उद्यमी विकास अभियान, मुख्यमंत्री अभ्युदय कोचिंग, अटल आवासीय विद्यालय और कस्तूरबा गांधी विद्यालय जैसी योजनाओं के माध्यम से शिक्षा और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बेटी के पढ़ने से केवल परिवार ही नहीं बल्कि पूरा समाज स्वावलंबी बनता है। मुख्यमंत्री ने बताया कि स्नातक अंतिम वर्ष की 50 हजार मेधावी बेटियों को रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना के तहत जल्द स्कूटी देने की तैयारी है।
मुख्यमंत्री ने नवगठित उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आउटसोर्स कर्मचारियों के साथ भेदभाव रोकने के लिए व्यवस्था बदली जा रही है और कर्मचारियों को न्यूनतम मानदेय, स्वास्थ्य बीमा, EPF समेत विभिन्न सुरक्षा सुविधाओं का लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार किसानों, गरीबों, युवाओं और महिलाओं समेत सभी वर्गों के लिए जिम्मेदारी के साथ काम कर रही है और बाढ़ पीड़ित परिवारों को जरूरत के अनुसार भूमि, आवास और अन्य सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने सदर तहसील के प्रेमचंद, कुसुम देवी, गिरीश, ज्ञान देवी, मुकेश, रामबरन, रवीश, बृजमोहन, सुआलाल और अरुणेश को भूमि आवंटन के स्वीकृति प्रमाण पत्र प्रदान किए। इन परिवारों को 1.20 लाख रुपये की राहत राशि भी दी गई
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