लोकसभा चुनाव मध्य अप्रैल से होंगे: चुनाव आयोग के सूत्र
(India) चुनाव आयोग मध्य अप्रैल से लोकसभा चुनाव शुरू कराने की तैयारी कर रहा है जो प्रक्रिया पांच चरणों में मई के शुरुआत में जाकर संपन्न होगी।
आयोग के शीर्ष सूत्रों ने कहा कि चुनावों के लिए घोषणा फरवरी के आखिर तक या मार्च महीने की शुरुआत में हो सकती है जिसके लिए कामकाज शुरू हो चुका है। लोकसभा चुनावों के साथ आंध्र प्रदेश, ओडिशा और सिक्किम में विधानसभा चुनाव भी होंगे।
सूत्रों ने कहा कि चुनाव कार्यक्रम की घोषण फरवरी के आखिरी दिनों में या मार्च के पहले दो-तीन दिन में कर दी जाएगी। कार्यक्रम की घोषणा से पहले लोकसभा की बैठक आखिरी बार हो सकती है जिसमें वित्त वर्ष 2014-15 के छह महीने के लिए लेखानुदान पारित किया जाएगा। इससे नयी सरकार अगली लोकसभा में पूर्ण बजट पेश कर सकेगी।
इस तरह की भी अटकलें हैं कि चुनावों से पहले सरकार द्वारा भ्रष्टाचार विरोधी निर्णय लेने के लिए जल्दी ही संसद का विशेष सत्र बुलाया जा सकता है। मौजूदा लोकसभा की अवधि 1 जून को समाप्त हो रही है और नयी लोकसभा का गठन 31 मई तक करना होगा।
आयोग इस बारे में भी विचार कर रहा है कि चुनाव पांच चरणों में कराया जाए या छह चरणों में कराया जाए। मतदाता सूची में चल रही समीक्षा की प्रक्रिया के तहत और नये मतदाताओं के जुड़ने के बाद आगामी चुनावों में करीब 80 करोड़ मतदाताओं को मताधिकार का अधिकार मिलेगा।
सूत्रों ने कहा कि आयोग ने मतदाता सूचियों को पहले ही तैयार कर लिया है और कुछ औपचारिकताओं के बाद इन्हें इस महीने के आखिर तक जारी किया जा सकता है। चुनाव आयोग के एक आला अधिकारी ने कहा, हमारे पास एक मतदाता सूची पहले से है। हमें इसे बदलने की जरूरत है। हमें उम्मीद है कि जनवरी समाप्त होने से पहले सूची तैयार हो जाएंगी।
निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव कराने के लिए कुल 1.1 करोड़ चुनाव कर्मियों को तैनात किया जाएगा जिनमें आधे सुरक्षा बल के जवान होंगे। चुनाव का कार्यक्रम घोषित करने के लिहाज से अन्य प्रक्रियाएं भी चल रही हैं। चुनाव के कार्यक्रम की घोषणा से पहले केंद्रीय अर्धसैनिक बलों को तैनात करने की योजना को अंतिम रूप देने के लिए केंद्रीय गृह सचिव के साथ बैठक की तारीखों पर विचार हो रहा है।
अनेक राज्यों के मुख्य चुनाव अधिकारी भी राज्यों के पुलिस महानिदेशकों के साथ अलग से बैठक करके चुनावों में राज्य पुलिस बल की उपलब्धता पर चर्चा कर रहे हैं। सूत्रों ने कहा कि चुनाव डयूटी के लिए सुरक्षा बलों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिहाज से केंद्रीय गृह सचिव के साथ आयोग की अंतिम बैठक होगी।
चुनाव अधिकारियों ने कहा कि चुनाव डयूटी में सुरक्षाकर्मियों के अतिरिक्त तैनात किये जाने वाले कर्मचारियों की सूची भी तैयार की जा रही है और कम से कम 55 लाख कर्मचारियों की जरूरत होगी। संवेदनशील क्षेत्रों में पर्यवेक्षकों के तौर पर तैनात किये जाने वाले केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों की सूची भी तैयार की जा रही है और इसे अंतिम रूप दिया जा रहा है।
चुनाव आयोग मतदान केंद्रों की सूची को भी अंतिम रूप प्रदान कर रहा है। देशभर में मतदान के लिए कम से कम 8 लाख मतदान केंद्र बनाये जाएंगे। चुनाव आयोग मतदाताओं और चुनाव कर्मचारियों दोनों की ही सुविधा के लिहाज से मतदान केंद्रों में आखिरी बार बदलाव की दिशा में काम कर रहा है।
करीब 12 लाख इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीनों :ईवीएम: के इस्तेमाल की तैयारियां भी हो रही हैं और फरवरी के महीने के मध्य में आयोग 2.5 लाख नयी ईवीएम और प्राप्त कर सकता है। पिछले लोकसभा चुनाव पांच चरणों में 16 अप्रैल से 13 मई की तारीखों के बीच हुए थे। 2009 में हुए चुनावों के लिए मतगणना 16 मई को हुई थी। पिछले लोकसभा चुनावों की घोषणा 2 मार्च, 2009 को कर दी गयी थी।
साल 2009 के चुनावों में 71.4 करोड़ मतदाता थे, वहीं 2004 के चुनाव में 67.1 करोड़ मतदाताओं को मताधिकार प्राप्त था। भारत के क्षेत्रफल और मतदाताओं की संख्या को देखते हुए यहां कई चरणों में मतदान संपन्न होने की वकालत करते हुए अधिकारियों ने कहा कि मतदाताओं की पूरी तरह संतुष्टि के लिए यह बेहतर होगा अन्यथा किसी खामी की स्थिति में असंतोष पैदा हो सकता है।
आयोग के आला अधिकारियों ने कई चरणों में चुनाव की वकालत करते हुए कहा कि जम्मू कश्मीर और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में उग्रवाद के प्रभाव को देखते हुए उनसे विशेष तरीकों से निपटना होगा।

Author: JAN TV Editorial Team

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