(India)
औद्योगिक नीति व संवर्धन विभाग (डीआईपीपी) के मुताबिक, बीते वित्त वर्ष की इसी अवधि में सेवा क्षेत्र में 94.5 करोड़ डालर का एफडीआई आया था। सेवा क्षेत्र में बैंकिंग, बीमा, आउटसोर्सिंग, अनुसंधान एवं विकास, कुरियर व प्रौद्योगिकी परीक्षण शामिल हैं। एक अधिकारी के मुताबिक, सरकार सेवा क्षेत्र में एफडीआई प्रवाह बढ़ाने के लिए कदम उठा रही है। सरकार ने बीमा क्षेत्र में एफडीआई सीमा मौजूदा 26 प्रतिशत से बढ़ाकर 49 प्रतिशत करने का निर्णय किया है। भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में सेवा क्षेत्र का योगदान 60 प्रतिशत से अधिक है। वर्ष 2012-13 में सेवा क्षेत्र में विदेशी निवेश घटकर 4.83 अरब डालर पर आ गया था जो 2011-12 में 5.21 अरब डालर था। चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के दौरान जिन अन्य क्षेत्र में कम विदेशी निवेश आया उनमें वाहन, रसायन और फार्मास्युटिकल शामिल हैं।
Author: JAN TV Editorial Team
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