जनता से सुझाव मांगने के साथ ही सरकार ने नए योजना आयोग के स्थान पर नई संस्था के ढांचे पर औपचारिक विचार- विमर्श शुरू कर दिया है। मंगलवार को पूर्व वित्त मंत्री व भाजपा के वरिष्ठ नेता यशवंत सिन्हा समेत करीब डेढ़ दर्जन विशेषज्ञों ने नई संस्था के स्वरूप को लेकर बैठक की। बैठक में एक राय से सभी ने स्वीकार किया कि बदले परिदृश्य में आयोग के स्थान पर अब नई संस्था की जरूरत है। योजना आयोग में हुई इस बैठक में सभी विशेषज्ञों ने विचार रखे। राज्यों के लिए तय होने वाले योजना खर्च से लेकर मंत्रालयों और केंद्र सरकार की फ्लैगशिप स्कीमों को मिलने वाली वित्तीय मदद के मौजूदा व संभावित तौर-तरीकों पर भी चर्चा हुई। कई विशेषज्ञों ने राज्यों के योजना खर्च का काम वित्त आयोग के जिम्मे करने का सुझाव दिया तो कुछ ने इसे वित्त मंत्रालय और वित्त आयोग के बीच बांटने की सलाह दी।
Author: Kamal
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