भारतीय अर्थव्यवस्था में सुधार के संकेत नजर आ रहे हैं और चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद वृद्धि दर 9 तिमाहियों के उच्च स्तर 5.7 फीसदी पर पहुंच गई। पिछली तिमाही में यह 4.6 फीसदी थी। औद्योगिक क्षेत्रों में सुधार और कृषि क्षेत्र के अच्छे प्रदर्शन की बदौलत जीडीपी में सुधार हुआ है। हालांकि सेवा क्षेत्र में अब भी दबाव देखा जा रहा है। पिछले साल पहली तिमाही में जीडीपी की वृद्धि दर 4.7 फीसदी थी। जारी आंकड़ों से इस बात की संभावना बढ़ी है कि चालू वित्त वर्ष में देश की अर्थव्यवस्था की वृद्धिा दर 5 फीसदी को पार कर सकती है। पिछली दो तिमाहियों में जीडीपी वृद्धि दर 5 फीसदी से नीचे ही रही है। लेकिन आने वाली तिमाहियों में परिदृश्य अच्छे नजर नहीं आ रहे हैं क्योंकि मॉनसून की अटपटी चाल से कृषि उत्पादन पर असर पड़ सकता है। हालांकि आवश्यक वस्तुओं की महंगाई के कारण आलोचना झेल रही मोदी सरकार को जीडीपी के आंकड़ों से थोड़ी राहत मिल सकती है। अर्थव्यवस्था में तेजी मुख्य रूप से औद्योगिक क्षेत्रों के कारण आई है।
Author: Kamal
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