कोयला घोटाला: सरकार 92 कोल ब्लॉक रद्द करने या दोबारा नीलामी को तैयार
(India) अटॉर्नी जनरल ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि 46 कोल ब्लाक आवंटन रद्द नहीं हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि 80 कोल ब्लॉक के आवंटन पहले ही रद्द हो चुके हैं। इस मामले की अगली सुनवाई अब 9 सितंबर को होगी। गौर हो कि इससे पहले के घटनाक्रम के तहत सुप्रीम कोर्ट ने 1993 से लेकर 2008 तक हुए सभी कोयला खदान आबंटनों को गैर-कानूनी करार दे दिया था। हालांकी कोर्ट ने आबंटन रद्द नहीं किया है। भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (सीएजी) की एक रिपोर्ट के मुताबिक़ कोयला घोटाले से एक लाख 86 हज़ार करोड़ रुपए के राजस्व का नुकसान हुआ। सीएजी ने कहा था कि निजी कंपिनयों को कोयला के ब्लॉक बिना बोली लगाए दे दिए गए। सीएजी की रिपोर्ट के मुताबिक, एसार पॉवर, हिंडाल्को, टाटा स्टील, टाटा पॉवर, जिंदल स्टील एंड पॉवर सहित 25 कंपनियों को विभिन्न राज्यों में कोयले की खानें दी गईं।

Author: Shiv Kishor

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