(India)
मानसून में विलंब के कारण, महाराष्ट्र, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे प्रमुख उत्पादक क्षेत्रों में खरीफ (गर्मी) के प्याज की फसल के बाजार में आने में एक माह की देर होगी जिससे सितंबर के उत्तरार्ध और अक्तूबर में कीमतों बढ़ने की आशंका है। डेयरी क्षेत्र पर भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के एक समारोह में सिंह ने संवाददाताओं से कहा कि दिल्ली की जनता को मालूम है कि पहले जब प्याज की कीमतें 80-100 रुपये किलो पहुंचती थीं तो सरकार भयभीत हो जाया करती थी। अब कीमतें 25-30 रुपये किलो के आसपास हैं। सरकार जागरूक है और वह कीमतें नहीं बढ़ने देगी। उन्होंने कहा कि प्याज की कीमतें 80-100 रपये किलो के स्तर पर न पहुंचें यह सुनिश्चित करने के लिए सरकार हर उपाय करेगी।
Digital Desk: Shiv Kishor
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