बिजली संकट से जूझ रहे भारत के लिए बड़ी खबर है। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच परमाणु समझौता हो गया है। अब भारत अपने असैन्य परमाणु कार्यक्रमों के लिए आसानी से यूरेनियम हासिल कर सकेगा। गौरतलब है कि वर्तमान में भारत के परमाणु संयंत्र करीब 4,680 मेगावाट बिजली पैदा करते हैं, जिसमें से 2,840 मेगावाट का उत्पादन स्वदेशी यूरेनियम से होता है, जबकि 1,840 मेगावाट का आयात किए हुए ईंधन से होता है। ऊर्जा एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस समझौते के बाद परमाणु उर्जा उत्पादन के क्षेत्र में भारत की क्षमता जबर्दस्त इजाफा होगा। दोनों देशों के बीच इस करार के बाद ऑस्ट्रेलिया भारत को ऐटमी एनर्जी के प्रॉडक्शन के लिए यूरेनियम की सप्लाई कर सकेगा। ध्यान रहे कि यूरेनियम का इस्तेमाल न्यूक्लियर रिएक्टर को चलाने के लिए ईंधन के तौर पर होता है।
Digital Desk: Kamal
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