डीजल के दाम कम करने और इसे सरकारी नियंत्रण से मुक्त करने का फैसला विधानसभा चुनावों के बाद होगा। तब तक तेल कंपनियां पेट्रोल के दाम बढ़ाने या घटाने के लिए स्वतंत्र होंगी। उन पर किसी प्रकार की चुनाव संहिता लागू नहीं होगी, क्योंकि पेट्रोल सरकारी नियंत्रण से मुक्त हो चुका है। हालांकि, तेल कंपनियों ने सरकार से कहा है कि वे भी चुनाव के बाद ही पेट्रोल के दाम घटाने पर फैसला लेंगी। सूत्रों के अनुसार 15 अक्टूबर के बाद 17 या 18 अक्टूबर को पेट्रोलियम मंत्रालय में डीजल को लेकर बैठक हो सकती है। इसमें वित्त मंत्री अरुण जेटली, आरबीआई गवर्नर रघुराम राजन और पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान शिरकत करेंगे।
Digital Desk: Kamal
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