राजन ने कहा ‘हमें अपने आंकड़ों की गुणवत्ता, उनकी मात्रा और उनका दायरा सुधारने की जरूरत है और हम इस पर काम कर रहे हैं।’ उन्होंने कहा कि भारत में रोजगार का आंकड़ा जो विभिन्न देशों में मौद्रिक नीतियों से जुड़े फैसलों का आधार बनता है, वह काफी देर से आता है और तुलना योग्य नहीं है। राजन ने कहा ‘हमें समय पर, शायद मासिक आधार पर और व्यापक रोजगार का आंकड़ा इकट्ठा करने की जरूरत है।’’ उन्होंने कहा कि आरबीआई राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण संगठन के साथ मिलकर रोजगार पर ठोस और विश्वसनीय आंकड़ा तैयार करने पर काम कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि देश में कोई उचित उत्पादक मूल्य सूचकांक नहीं है और आरबीआई जल्दी ही इसकी एक श्रृंखला तैयार करेगा।
Digital Desk: Shiv Kishor
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