डीजल हो सकता है 1 रुपए सस्ता, पेट्रोल में 1.75 रु. की कटौती मुमकिन
(India) सरकार और उद्योग सूत्रों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजारों में तेल सस्ता होने से सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों दरों में कटौती कर सकती हैं। तेल कंपनियों को खुदरा मूल्य तथा आयातित मूल्य में अंतर से जो नुकासान हो रहा था, वह समाप्त हो गया है और 16 सितंबर से कंपनियों को 35 पैसे प्रति लीटर का लाभ हो रहा है। यह अब बढ़कर करीब एक रुपये लीटर हो गया है। सरकार ने उस समय दाम में कटौती नहीं की लेकिन इस बार पाक्षिक समीक्षा में दरों में कटौती की जा सकती है। यह समीक्षा आज होने वाली है। सूत्रों के अनुसार पेट्रोलियम मंत्रालय का विचार है कि मंत्रिमंडल की राजनीतिक मामलों की समिति ने डीजल की बिक्री पर कंपनियों के नुकसान की भरपाई के लिये डीजल के दाम में 40 से 50 पैसा प्रति महीना वृद्धि किये जाने को अनुमति 17 जनवरी 2013 को दी थी लेकिन उस समय लाभ की स्थिति की परिकल्पना नहीं की गयी थी। सरकार सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों की बाजार हिस्सेदारी बनाये रखने के लिये डीजल के दाम में कटौती चाहती है क्योंकि निजी क्षेत्र की खुदरा कंपनियां अंतरराष्ट्रीय मूल्य के अनुरूप डीजल बेचकर लाभ ले सकती हैं।

Digital Desk: Shiv Kishor

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