वैश्विक बाजार में सोने और तेल की कीमतों में गिरावट आने और कंपनियों के तिमाही नतीजे सकारात्मक आने की वजह से विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (एफपीआई) भारतीय शेयर बाजार में निवेश करना जारी रख सकते हैं। कोटक सिक्यॉरिटीज के उपाध्यक्ष (प्राइवेट क्लाइंट ग्रुप रिसर्च) संजीव जरबडे ने कहा, ‘विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) तिमाही के नतीजे करीब से देखेंगे। भारतीय अर्थव्यवस्था के आकर्षक बने रहने की वजह से धन का प्रवाह बरकरार रहेगा।’ एफपीआई हालांकि शेयर बाजार में नकारात्मक वैश्विक घटनाओं जैसे यूरोप व चीनी अर्थव्यवस्था में धीमी प्रगति और भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के मौद्रिक नीति की समीक्षा के दौरान मुख्य नीतिगत दरों को यथावत रखने की वजह से शुद्ध विक्रेता रहे। बाजार नियामक प्रतिभूति विनिमय बोर्ड (सेबी) ने विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई)- सब अकाउंटे्स और योग्य विदेशी निवेशकों को एकसाथ मिला कर निवेशकों की नई श्रेणी एफपीआई बना दी है।
Digital Desk: Kamal
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