रक्षा सहयोग के तहत आधुनिक तकनीक, सैन्य उपकरणों और संयुक्त प्रशिक्षण से जुड़े समझौतों को प्राथमिकता दी गई है। माना जा रहा है कि इन डील्स से भारत की रक्षा क्षमताओं को नई मजबूती मिलेगी और जर्मनी के साथ सैन्य सहयोग का दायरा और व्यापक होगा।
इस साझेदारी को क्षेत्रीय संतुलन के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है। भारत-जर्मनी के बढ़ते रक्षा संबंधों से पाकिस्तान और चीन की रणनीतिक चिंताएं बढ़ सकती हैं, क्योंकि यह समझौते भारत की वैश्विक कूटनीतिक और सैन्य स्थिति को और मजबूत करते हैं।
Author: JAN TV Editorial Team
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