उन्होंने आरोप लगाया कि नगर निगम चुनावों में बड़े पैमाने पर धनबल का इस्तेमाल हुआ और भाजपा नेतृत्व वाला गठबंधन मुंबई पर कब्जा जमाना चाहता है। उद्धव ने यह भी कहा कि नतीजे उम्मीद के मुताबिक नहीं रहे, फिर भी उनकी पार्टी और सहयोगी मजबूत विपक्ष के रूप में उभरे हैं। मतदाता सूची में खामियों और दोहरे मतदाताओं की पहचान जैसे मुद्दों का जिक्र करते हुए उन्होंने दावा किया कि अगर समय रहते यह कदम न उठाया जाता, तो परिणाम और अलग हो सकते थे।
मराठी अस्मिता के मुद्दे पर भी उद्धव ठाकरे ने सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि शिवसेना सत्ता के लिए नहीं, बल्कि मराठी मानुष के अधिकारों की लड़ाई के लिए बनी थी। पहली कक्षा से हिंदी को अनिवार्य करने के फैसले को लेकर भी उन्होंने सवाल उठाए और ‘जय महाराष्ट्र’ को रोजमर्रा के अभिवादन के रूप में अपनाने की अपील की।
Author: JAN TV Editorial Team
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