दौरे के दौरान पीएम मोदी ने खुद भी चाय की पत्तियां तोड़ीं और पारंपरिक तरीके से काम करते हुए मजदूरों के साथ जुड़ाव दिखाया। उन्होंने महिलाओं के साथ बातचीत में उनके बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। इस दौरान एक महिला मजदूर के साथ उनकी सेल्फी भी चर्चा का विषय बनी।
इसके अलावा, बागान में स्थानीय संस्कृति की झलक भी देखने को मिली, जहां पारंपरिक ‘झुमुर’ नृत्य की प्रस्तुति दी गई। प्रधानमंत्री ने कलाकारों का उत्साह बढ़ाते हुए कार्यक्रम का आनंद लिया। यह दौरा न केवल एक जनसंवाद रहा, बल्कि असम के चाय बागान समुदाय के साथ जुड़ाव का मजबूत संदेश भी माना जा रहा है।
Author: JAN TV Editorial Team
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