राहुल गांधी ने एक दिव्यांग सुरक्षा अधिकारी से मुलाकात का जिक्र करते हुए कहा कि कई जवान वर्षों की सेवा के बावजूद नेतृत्व के अवसरों से वंचित रहते हैं। उनके मुताबिक, यह केवल एक व्यक्ति की समस्या नहीं बल्कि पूरे तंत्र में व्याप्त असंतुलन को दर्शाता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार इस मुद्दे पर न्यायिक टिप्पणियों को नजरअंदाज कर रही है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि सुरक्षा बल देश की आंतरिक और बाहरी सुरक्षा में अहम भूमिका निभाते हैं, इसलिए उनके मनोबल और अधिकारों की रक्षा बेहद जरूरी है। उन्होंने सरकार से अपील की कि वह इस विधेयक पर पुनर्विचार करे और जवानों के हित में संतुलित निर्णय ले।
Author: JAN TV Editorial Team
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