पूर्व सैनिकों को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं: पे फिक्सेशन नियमों में बदलाव की याचिका खारिज
(India) सुप्रीम कोर्ट ने उन पूर्व सैनिकों की याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया है, जिसमें सेना से रिटायरमेंट के बाद सिविल सेवा में शामिल होने पर वेतन निर्धारण (Pay Fixation) के मौजूदा नियमों को चुनौती दी गई थी। जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जोयमाल्य बागची और जस्टिस विपुल एम पंचोली की पीठ ने स्पष्ट किया कि याचिकाकर्ता अपनी शिकायतों के समाधान के लिए केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (CAT) का दरवाजा खटखटा सकते हैं। कोर्ट ने संबंधित अधिकारियों को भी इस संवेदनशील मामले पर शीघ्र निर्णय लेने का निर्देश दिया है।
यह विवाद मुख्य रूप से 'सेंट्रल सिविल सर्विसेज (रिवाइज्ड पे) रूल्स 2016' के नियम 8 से जुड़ा है। पूर्व सैनिकों का आरोप है कि जब वे आयकर विभाग या भारतीय खाद्य निगम जैसे सरकारी विभागों में दोबारा नौकरी शुरू करते हैं, तो उन्हें न्यूनतम वेतन स्तर से शुरुआत करने पर मजबूर किया जाता है। याचिका में तर्क दिया गया कि यह व्यवस्था उनके सेना के दशकों के अनुभव और अंतिम आहरित वेतन (Last Drawn Pay) को पूरी तरह नजरअंदाज करती है, जो कि समानता के अधिकार का उल्लंघन है। याचिकाकर्ताओं ने यह भी मुद्दा उठाया कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक पूर्व सैनिकों को 'पे प्रोटेक्शन' देते हैं, जबकि अन्य सरकारी विभागों में ऐसा नहीं होता। फिलहाल, शीर्ष अदालत के इस रुख के बाद अब गेंद न्यायाधिकरण के पाले में है।

Author: JAN TV Editorial Team

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