यह बड़ा अभ्यास IIT Guwahati में आयोजित किया गया, जिसका मकसद राज्य में हर साल आने वाली बाढ़ से प्रभावी तरीके से निपटना है।
इस संयुक्त अभ्यास में National Disaster Response Force (NDRF), State Disaster Response Force (SDRF) और Sashastra Seema Bal (SSB) के जवानों ने हिस्सा लिया।
अभ्यास के दौरान बड़े पैमाने पर बाढ़ आने की स्थिति में रेस्क्यू ऑपरेशन, आधुनिक उपकरणों के इस्तेमाल और त्वरित प्रतिक्रिया रणनीतियों का प्रदर्शन किया गया, ताकि नुकसान को कम से कम किया जा सके।
एसएसबी के डीआईजी Rajnish Lamba ने बताया कि इस तरह के अभ्यास का मकसद सभी एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना है, ताकि आपदा के समय दूरदराज के इलाकों तक भी तेजी से राहत और बचाव कार्य पहुंचाया जा सके।
इस अभ्यास में सामुदायिक भागीदारी पर भी विशेष जोर दिया गया। स्कूलों, कॉलेजों और एनसीसी के छात्रों के साथ-साथ स्थानीय युवाओं को भी इसमें शामिल किया गया, ताकि वे आपदा के समय अपनी जिम्मेदारियों को समझ सकें और जरूरतमंदों की मदद कर सकें।
असम में हर साल आने वाली बाढ़ को देखते हुए, ‘जल राहत-2026’ जैसे अभ्यास न केवल तैयारियों को मजबूत करते हैं, बल्कि यह भी सुनिश्चित करते हैं कि संकट की घड़ी में हर जरूरतमंद तक समय पर मदद पहुंच सके।
Author: JAN TV Editorial Team
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