Triveni Sangam पर सैकड़ों श्रद्धालुओं ने गंगा, यमुना और पौराणिक सरस्वती के संगम में पवित्र डुबकी लगाई। सुबह से ही घाटों पर पूजा-पाठ, स्नान और दान-पुण्य का सिलसिला जारी रहा।
इस दिन का धार्मिक महत्व बेहद खास माना जाता है। मान्यता है कि अक्षय तृतीया पर किए गए पुण्य कार्य कभी नष्ट नहीं होते और जीवन में समृद्धि लाते हैं। इस अवसर पर सोना-चांदी खरीदना, दान देना और नए कार्यों की शुरुआत करना शुभ माना जाता है।
स्थानीय पुजारी बलमुकुंद केसरवानी के अनुसार, इस दिन श्रद्धालु स्नान-ध्यान के बाद जल, शरबत, सत्तू और पंखा जैसे वस्तुओं का दान कर पुण्य अर्जित करते हैं।
वहीं श्रद्धालु रीना गुप्ता ने बताया कि लोग अपनी सामर्थ्य के अनुसार दान करते हैं और गंगा जी में अर्पण भी करते हैं।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन भगवान विष्णु के छठे अवतार Parashurama का जन्म हुआ था। इसी दिन चारधाम यात्रा की भी शुरुआत होती है और Gangotri Temple व Yamunotri Temple के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोले जाते हैं।
आस्था, परंपरा और विश्वास के इस संगम ने प्रयागराज में एक बार फिर भक्ति का अद्भुत माहौल बना दिया, जहां श्रद्धालु पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ इस पावन पर्व को मना रहे हैं।
Author: JAN TV Editorial Team
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