परिवहन अधिकारियों के मुताबिक, पहले दिल्ली से देहरादून का सफर जहां 6 से 7 घंटे में पूरा होता था, अब वही दूरी करीब 3 घंटे में तय हो रही है। इससे यात्रा न केवल तेज हुई है, बल्कि पहले से ज्यादा आरामदायक भी हो गई है।
कम दूरी और बेहतर सड़क के कारण बस किराए में भी कमी आई है, जिससे यात्रियों को आर्थिक रूप से भी फायदा मिल रहा है।
Uttarakhand Transport Corporation के अनुसार, वोल्वो बसों का किराया 945 रुपये से घटाकर 709 रुपये कर दिया गया है, जबकि सामान्य एसी बसों का किराया 709 रुपये से घटकर 557 रुपये और साधारण बसों का किराया 420 रुपये से घटाकर 355 रुपये कर दिया गया है।
पहले चरण में 8 वोल्वो, 6 एसी और 2 साधारण बसों के साथ संचालन शुरू किया गया है।
यात्रियों का कहना है कि नए एक्सप्रेसवे ने सफर को बेहद आसान बना दिया है। पहले जहां 6-7 घंटे लगते थे, अब 3 से 3.5 घंटे में ही गंतव्य तक पहुंचा जा सकता है।
साथ ही बेहतर सड़क और कम ट्रैफिक के कारण यात्रा पहले से ज्यादा स्मूद और आरामदायक हो गई है।
इस एक्सप्रेसवे का उद्घाटन Narendra Modi ने 14 अप्रैल को किया था। करीब 213 किलोमीटर लंबा यह छह लेन का कॉरिडोर लगभग 12,000 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुआ है।
यह एक्सप्रेसवे दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड को जोड़ता है और इसमें एशिया का सबसे लंबा 12 किलोमीटर का एलिवेटेड वाइल्डलाइफ कॉरिडोर भी शामिल है।
तेज रफ्तार, कम समय और सस्ती यात्रा—नई दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे ने यात्रियों के सफर को पूरी तरह बदल दिया है।
Author: JAN TV Editorial Team
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