अधिकारियों के मुताबिक, यह मामला राजनीतिक दलों और अन्य संस्थाओं से प्राप्त धन के कथित हवाला लेनदेन से जुड़ा है।
पूछताछ के दौरान सिंह का बयान Prevention of Money Laundering Act (PMLA) के तहत दर्ज किया जाएगा।
2015 में स्थापित I-PAC एक प्रमुख राजनीतिक परामर्श फर्म है, जो कई दलों के साथ काम कर चुकी है, जिनमें Trinamool Congress और Dravida Munnetra Kazhagam शामिल हैं।
इस मामले में I-PAC के एक अन्य निदेशक Vinesh Chandel को ED पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि Prateek Jain भी जांच के दायरे में हैं।
ED ने 2 अप्रैल को बेंगलुरु स्थित सिंह के ठिकानों पर छापेमारी भी की थी।
जांच एजेंसी के अनुसार, कंपनी पर फर्जी बिल, बेहिसाब धन का लेन-देन, असुरक्षित ऋण और हवाला चैनलों के जरिए कैश ट्रांजैक्शन जैसे आरोप हैं।
ED का दावा है कि करीब 50 करोड़ रुपये के आपराधिक धन के शोधन में संलिप्तता के संकेत मिले हैं।
यह मामला कोयला घोटाले की जांच से भी जुड़ा बताया जा रहा है।
इससे पहले Mamata Banerjee ने कोलकाता में ED की कार्रवाई को लेकर विवाद खड़ा किया था और एजेंसी पर गंभीर आरोप लगाए थे।
ED ने इस मामले में अदालत का रुख करते हुए जांच की मांग की है।
फिलहाल ED इस पूरे नेटवर्क और धन के स्रोत की गहराई से जांच कर रही है, जिसमें आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे होने की संभावना है।
Author: JAN TV Editorial Team
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