राज्य सरकार के अनुसार, ‘फार्मर रजिस्ट्री’ अब अनिवार्य नहीं होगी। पहले किसानों को सरकारी खरीद केंद्रों पर गेहूं बेचने के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी था, जिससे कई किसानों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था।
कई किसान रजिस्ट्रेशन न होने के कारण सरकारी केंद्रों पर अपनी फसल नहीं बेच पा रहे थे और उन्हें मजबूरन बिचौलियों को कम कीमत पर गेहूं बेचना पड़ रहा था।
सरकार ने इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए तुरंत हस्तक्षेप किया।
मुख्यमंत्री ने सभी जिला अधिकारियों को इस आदेश को तुरंत लागू करने के निर्देश दिए हैं, ताकि किसानों को बिना किसी रुकावट के सरकारी खरीद का लाभ मिल सके।
इस फैसले के बाद:
किसानों को सीधे MSP का फायदा मिलेगा
बिचौलियों की भूमिका कम होगी
छोटे और ग्रामीण किसानों को सबसे ज्यादा राहत मिलेगी
Author: JAN TV Editorial Team
DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।