मामले का खुलासा तब हुआ, जब KGMU के डीन Dr. K. K. Singh को जानकारी मिली कि परिसर में एक कथित डॉक्टर स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने जा रहा है। जांच में सामने आया कि वह व्यक्ति असली डॉक्टर नहीं, बल्कि फर्जी है।
आरोपी छात्रों की भर्ती और स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने के लिए विश्वविद्यालय की जाली मुहर और डीन के नकली हस्ताक्षर का इस्तेमाल कर रहा था।
प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को पकड़ लिया। उसकी पहचान हसन के रूप में हुई है, जो केवल 12वीं पास बताया जा रहा है।
फिलहाल मामले की जांच जारी है और यह पता लगाया जा रहा है कि आरोपी इस फर्जीवाड़े में कब से शामिल था और उसके साथ कोई अन्य व्यक्ति भी जुड़ा है या नहीं।
Author: JAN TV Editorial Team
DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।