Bharat (TDP सांसद) के अनुसार, यह भारत के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा विदेशी निवेश (FDI) प्रोजेक्ट होगा, जो विशाखापत्तनम को एक प्रमुख टेक्नोलॉजी और AI हब के रूप में स्थापित करेगा।
यह हाइपरस्केल AI डेटा सेंटर तर्लुवाडा गांव में विकसित किया जाएगा और इसकी क्षमता 1 गीगावॉट होगी। इसे देश के सबसे बड़े AI डेटा सेंटर्स में से एक माना जा रहा है, जो क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर और बड़े पैमाने पर डेटा स्टोरेज की सुविधा देगा।
राज्य सरकार का लक्ष्य लगभग 600 एकड़ क्षेत्र में एक मल्टी-गीगावॉट डिजिटल इकोसिस्टम विकसित करना है, जिससे आंध्र प्रदेश को ग्लोबल डेटा हब के रूप में पहचान मिल सके।
इस प्रोजेक्ट से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्लाउड ऑपरेशन, साइबर सिक्योरिटी और डेटा साइंस जैसे क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
सरकार के अनुसार, यह प्रोजेक्ट पावर सिस्टम, कूलिंग टेक्नोलॉजी, सर्वर मैन्युफैक्चरिंग और नेटवर्किंग जैसे सहायक क्षेत्रों में भी निवेश आकर्षित करेगा।
साथ ही, सबसी केबल कनेक्टिविटी और भोगापुरम इंटरनेशनल एयरपोर्ट जैसी परियोजनाएं विशाखापत्तनम को भविष्य में एक वैश्विक टेक्नोलॉजी हब के रूप में विकसित करने में मदद करेंगी, जो ‘विकसित भारत 2047’ के विजन के अनुरूप होगा।
Author: JAN TV Editorial Team
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