सीएम योगी ने बताया कि 594 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेस-वे के लिए करीब 18,000 एकड़ भूमि किसानों से ली गई है। उन्होंने कहा कि इस भूमि पर बनने वाले औद्योगिक क्लस्टर और लॉजिस्टिक हब राज्य में निवेश को बढ़ावा देंगे और युवाओं के लिए नए रोजगार के अवसर पैदा करेंगे।
उन्होंने यह भी बताया कि लगभग 7,000 एकड़ भूमि अलग-अलग स्थानों पर औद्योगिक विकास के लिए चिह्नित की गई है, जिससे क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियां और तेज होंगी।
यह एक्सप्रेस-वे Meerut से Prayagraj तक फैला हुआ है और 12 जिलों से होकर गुजरता है। इस परियोजना में एक लाख से अधिक किसानों ने भूमि देकर महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
सीएम ने किसानों के योगदान की सराहना करते हुए उन्हें राज्य के विकास का आधार बताया और उनके प्रति आभार व्यक्त किया।
Author: JAN TV Editorial Team
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