इस जनगणना में पोखरण, बाड़मेर, म्याजलर और जैसलमेर रेंज के कुल 52 जल स्रोतों को शामिल किया गया। वन विभाग के अधिकारियों, विशेषज्ञों और स्वयंसेवकों ने अत्याधुनिक कैमरा ट्रैप और आधुनिक सेंसर तकनीक की मदद से यह सर्वेक्षण पूरा किया।
डीएफओ बृजमोहन गुप्ता के अनुसार, सर्वेक्षण के दौरान 41 Great Indian Bustard दर्ज किए गए, जो संरक्षण के लिहाज से बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। इसके अलावा 1,082 Chinkara भी कैमरों में कैद हुए।
जनगणना में बड़ी संख्या में इंडियन फॉक्स, रेगिस्तानी लोमड़ी, मरु बिल्ली, जंगली बिल्लियां और गिद्धों की मौजूदगी भी दर्ज की गई। अधिकारियों का कहना है कि गर्मियों के दौरान जल स्रोतों पर आने वाले वन्यजीवों की वास्तविक संख्या का आकलन करने में यह सर्वेक्षण बेहद मददगार साबित होगा।
वन विभाग के मुताबिक, इन आंकड़ों के आधार पर रेगिस्तानी पारिस्थितिकी तंत्र की सुरक्षा और वन्यजीव संरक्षण की रणनीतियों को और मजबूत किया जाएगा।
Author: JAN TV Editorial Team
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