इस नई गैलरी में 3D मॉडल, ब्रेल लिपि, ऑडियो गाइड और आधुनिक तकनीक का उपयोग किया गया है, ताकि दृष्टिबाधित बच्चे कला, इतिहास और संस्कृति से बेहतर तरीके से जुड़ सकें।
प्रयागराज मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल ने बताया कि इस गैलरी में 10 प्रमुख स्मारकों के मॉडल तैयार किए गए हैं, जिन्हें बच्चे छूकर उनके आकार और संरचना को समझ सकते हैं।
कार्यक्रम में मौजूद उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने बच्चों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि दृष्टिबाधित छात्रों का आत्मविश्वास और प्रस्तुति बेहद प्रेरणादायक रही।
गैलरी देखने पहुंचे छात्रों ने भी अपने अनुभव साझा किए। बच्चों ने बताया कि उन्होंने Taj Mahal, Qutub Minar, Golden Temple, Kashi Vishwanath Temple और Ram Mandir जैसे स्मारकों को स्पर्श के जरिए महसूस किया। साथ ही हाथी, बाघ, ऊंट और मोर जैसे जानवरों के मॉडल भी बच्चों के आकर्षण का केंद्र रहे।
दिल्ली की एक NGO के सहयोग से विकसित यह गैलरी समावेशी शिक्षा और नवाचार का बेहतरीन उदाहरण मानी जा रही है, जो दिव्यांग बच्चों के लिए सीखने को अधिक सुलभ और आत्मविश्वास बढ़ाने वाला बना रही है।
Author: JAN TV Editorial Team
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