एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि महायोगी Guru Gorakshanath ने समाज को जागृत करने और धर्म को मजबूत करने में बड़ी भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि विदेशी आक्रमण और गुलामी के दौर में भी योगियों ने गांव-गांव जाकर सारंगी और भजनों के जरिए समाज को एकजुट किया और लोगों को जागरूक किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यही सच्ची राष्ट्रभक्ति थी और साधना केवल गुफाओं, मंदिरों या कर्मकांड तक सीमित नहीं रहनी चाहिए।
उन्होंने भरथरी और गोपीचंद से जुड़े पारंपरिक भजनों और गीतों का उल्लेख करते हुए कहा कि इनका इस्तेमाल समाज को जागृत करने और आक्रमणकारियों के प्रति सतर्क करने के लिए किया जाता था।
योगी आदित्यनाथ ने “धर्मो रक्षति रक्षितः” का उल्लेख करते हुए कहा कि जो धर्म की रक्षा करता है, धर्म भी उसकी रक्षा करता है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि धर्म का उपयोग स्वार्थ के लिए किया गया तो इसका परिणाम विनाशकारी हो सकता है। उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत नुकसान की भरपाई हो सकती है, लेकिन धर्म और संस्कृति को पहुंचने वाली क्षति आने वाली पीढ़ियों को प्रभावित करती है।
Author: JAN TV Editorial Team
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