सूत्रों के अनुसार, आरबीआई ने वित्त वर्ष 2024-25 के लिए सरकार को 2.69 लाख करोड़ रुपये का रिकॉर्ड लाभांश दिया था, जो पिछले वर्ष 2023-24 के 2.11 लाख करोड़ रुपये की तुलना में 27 प्रतिशत अधिक था।
बताया जा रहा है कि आरबीआई की आगामी निदेशक मंडल बैठक में इस वर्ष के लाभांश पर निर्णय लिया जा सकता है। लाभांश का निर्धारण संशोधित आर्थिक पूंजी ढांचे (ECF) के आधार पर किया जाता है, जिसके तहत आकस्मिक जोखिम बफर 4.5 से 7.5 प्रतिशत के बीच रखा जाता है।
बजट दस्तावेजों के अनुसार, केंद्र सरकार को 2026-27 में आरबीआई, राष्ट्रीयकृत बैंकों और वित्तीय संस्थानों से कुल 3.16 लाख करोड़ रुपये लाभांश के रूप में मिलने का अनुमान है।
सूत्रों का कहना है कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के बेहतर प्रदर्शन, मजबूत ऋण वृद्धि और बढ़े हुए मुनाफे के कारण वास्तविक लाभांश इससे भी अधिक हो सकता है। 2025-26 में पीएसबी का कुल शुद्ध लाभ 11.1 प्रतिशत बढ़कर 1.98 लाख करोड़ रुपये के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गया है।
इसी बीच गैर-कर राजस्व और बैंकिंग सेक्टर के मजबूत प्रदर्शन से सरकार की वित्तीय स्थिति और मजबूत होने की संभावना जताई जा रही है।
Author: JAN TV Editorial Team
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