निचली अदालत ने 15 अप्रैल को Enforcement Directorate द्वारा दाखिल आरोपपत्र का संज्ञान लेते हुए रॉबर्ट वाड्रा और अन्य आरोपियों को 16 मई को अदालत में पेश होने का निर्देश दिया था। जांच एजेंसी ने यह आरोपपत्र पिछले साल जुलाई में दाखिल किया था।
यह पहली बार था जब किसी जांच एजेंसी ने रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ किसी आपराधिक मामले में आरोपपत्र दाखिल किया। इससे पहले अप्रैल 2025 में ईडी ने उनसे लगातार तीन दिनों तक पूछताछ की थी।
विशेष न्यायाधीश सुशांत चांगोत्रा ने अपने आदेश में कहा था कि आरोपपत्र और संबंधित दस्तावेजों की प्रारंभिक जांच में वाड्रा और अन्य आरोपियों के खिलाफ आगे कार्रवाई के लिए पर्याप्त सामग्री मिली है।
मामला गुरुग्राम जिले के मानेसर-शिकोहपुर क्षेत्र में वर्ष 2008 में हुए भूमि सौदे से जुड़ा है। आरोप है कि स्काई लाइट हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड, जिसमें वाड्रा पहले निदेशक रह चुके थे, ने 3.5 एकड़ जमीन 7.5 करोड़ रुपये में खरीदी थी।
रॉबर्ट वाड्रा ने सभी आरोपों से इनकार करते हुए मामले को अपने और अपने परिवार के खिलाफ “राजनीतिक प्रतिशोध” बताया है।
Author: JAN TV Editorial Team
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