कंपनियों के अनुसार, पशुओं के चारे, ईंधन, पैकेजिंग और परिवहन लागत में बढ़ोतरी के साथ-साथ किसानों को दिए जा रहे अधिक खरीद मूल्य के कारण यह फैसला लिया गया है।
इस बढ़ोतरी का सीधा असर आम उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है, क्योंकि दूध हर घर की बुनियादी जरूरत है। कई शहरों में लोगों का कहना है कि इससे उनके मासिक घरेलू बजट पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।
दूध विक्रेताओं का भी मानना है कि कीमत बढ़ने से मांग पर असर पड़ सकता है और उपभोक्ता खरीद कम कर सकते हैं। कुछ व्यापारियों के अनुसार, दूध से बने उत्पादों और मिठाइयों की कीमतों में भी आगे बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है, जिससे चाय जैसी रोजमर्रा की चीजें भी महंगी हो सकती हैं।
यह पिछले 13 महीनों में दूसरी बार है जब प्रमुख डेयरी कंपनियों ने कीमतें बढ़ाई हैं। बढ़ती महंगाई के बीच इस कदम से खाद्य मुद्रास्फीति पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
Author: JAN TV Editorial Team
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