गिरफ्तार आरोपी की पहचान Manisha Sanjay Havaldar के रूप में हुई है, जो फिलहाल पुणे के सेठ हीरालाल सराफ प्रशाला में कार्यरत थीं। सीबीआई ने उन्हें पेपर लीक का एक महत्वपूर्ण “स्रोत” बताया है।
सीबीआई के अनुसार हवेलदार को राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) द्वारा NEET UG प्रक्रिया में विशेषज्ञ के तौर पर नियुक्त किया गया था, जिसके चलते उन्हें फिजिक्स प्रश्नपत्र तक पूरी पहुंच प्राप्त थी। जांच एजेंसी का आरोप है कि उन्होंने अप्रैल महीने में कुछ प्रश्न सह-आरोपी Manisha Mandhare के साथ साझा किए थे।
सीबीआई ने बताया कि साझा किए गए प्रश्न NEET UG 2026 के फिजिक्स पेपर से मेल खाते पाए गए। इससे पहले 16 मई को पुणे की ही बॉटनी शिक्षिका मनीषा मंधारे को भी इस मामले में गिरफ्तार किया गया था।
जांच एजेंसी ने देशभर में कई स्थानों पर छापेमारी कर दस्तावेज, लैपटॉप, बैंक स्टेटमेंट और मोबाइल फोन जब्त किए हैं। फिलहाल इन सभी डिजिटल और वित्तीय रिकॉर्ड की विस्तृत जांच जारी है।
गौरतलब है कि 3 मई को आयोजित NEET UG परीक्षा को पेपर लीक के आरोपों के बाद 12 मई को रद्द कर दिया गया था। अब दोबारा परीक्षा 21 जून को आयोजित की जाएगी।
सीबीआई के मुताबिक अब तक इस मामले में दिल्ली, जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे, लातूर और अहिल्यानगर समेत कई शहरों से कुल 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
एजेंसी का दावा है कि जांच में उन बिचौलियों की भी पहचान हुई है, जो लाखों रुपये लेकर छात्रों को विशेष कोचिंग सत्रों में शामिल कराते थे, जहां कथित तौर पर लीक प्रश्न साझा किए जाते थे।
Author: JAN TV Editorial Team
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