क्षतिग्रस्त खंभे, उखड़ती संरचना और बाहर निकली लोहे की छड़ें पुल की बदहाली को साफ दिखा रही हैं। स्थानीय लोगों को डर है कि पुल कभी भी बड़ा हादसा बन सकता है।
Indian Institute of Technology Patna के विशेषज्ञों द्वारा किए गए हालिया सर्वेक्षण में पुल को “अत्यधिक असुरक्षित” घोषित किया गया है। रिपोर्ट में पुल की तत्काल मरम्मत की जरूरत बताई गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि कुछ दिन पहले इंजीनियरों की टीम मौके पर पहुंची थी और पुल के कई हिस्सों को चिह्नित किया गया था, लेकिन अब तक सुरक्षा के लिए बैरियर तक नहीं लगाए गए हैं।
स्थानीय निवासी कंचन ठाकुर और सुनील कुमार ने कहा कि लोगों के पास इस पुल का विकल्प नहीं है और अगर यह बंद हो गया तो उन्हें नदी पार करने के लिए फिर पुराने तरीकों का सहारा लेना पड़ेगा।
इस मामले पर गया नगर सीट से विधायक और बिहार विधानसभा अध्यक्ष Prem Kumar ने भी स्वीकार किया कि पुल की स्थिति को लेकर शिकायतें मिली हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पुराने और नए सभी पुलों की ऑडिट जांच करा रही है ताकि भविष्य में किसी दुर्घटना को रोका जा सके।
उन्होंने यह भी कहा कि अगर जांच में निर्माण में लापरवाही या दोष पाया गया तो जिम्मेदार इंजीनियरों पर कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय लोगों ने सरकार से मांग की है कि किसी बड़े हादसे से पहले पुल की मरम्मत कराई जाए या नया पुल बनाया जाए। फिलहाल ‘अत्यधिक असुरक्षित’ घोषित होने के बावजूद इस पुल से रोजाना लोग गुजरने को मजबूर हैं।
Author: JAN TV Editorial Team
DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।