30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स करीब 142 अंक गिरकर 75,868 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी में 6 अंकों की मामूली गिरावट के साथ 23,907 पर कारोबार समाप्त हुआ।
बाजार पर पश्चिम एशिया में जारी अनिश्चितता, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की ताजा बिकवाली और वैश्विक संकेतों का असर देखा गया। ब्रेंट क्रूड ऑयल भी 3.24 प्रतिशत गिरकर 96.35 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।
सेंसेक्स के प्रमुख शेयरों में एचडीएफसी बैंक, इंफोसिस, आईटीसी, हिंदुस्तान यूनिलीवर और रिलायंस इंडस्ट्रीज में गिरावट रही, जबकि पावर ग्रिड, एनटीपीसी, टाटा स्टील और इंटरग्लोब एविएशन जैसे शेयरों में बढ़त दर्ज की गई।
बाजार विशेषज्ञ शरद कोहली ने कहा कि वैश्विक स्तर पर मिले-जुले संकेत, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और भू-राजनीतिक तनाव के कारण निवेशकों में अनिश्चितता बनी हुई है, जिससे बाजार दबाव में रहा।
क्षेत्रीय स्तर पर प्राइवेट बैंक, आईटी, फाइनेंशियल सर्विसेज और ऑयल एंड गैस सेक्टर के शेयरों ने बाजार पर दबाव डाला, जबकि पावर, मेटल्स और ऑटो सेक्टर ने कुछ मजबूती दिखाई।
एशियाई बाजारों में जापान और दक्षिण कोरिया के सूचकांक बढ़त के साथ बंद हुए, जबकि चीन और हांगकांग के बाजारों में गिरावट रही। वहीं, यूरोपीय बाजारों में कारोबार बढ़त के साथ देखा गया।
विदेशी संस्थागत निवेशकों ने मंगलवार को लगभग 2,408 करोड़ रुपये की शुद्ध बिकवाली की, जिससे बाजार पर अतिरिक्त दबाव बना रहा।
Author: JAN TV Editorial Team
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