ग्रामीणों के अनुसार, पानी लाने के लिए उन्हें करीब तीन किलोमीटर दूर जाना पड़ता है। यह रास्ता ऊबड़-खाबड़ पहाड़ी इलाकों से होकर गुजरता है, जिससे परेशानी और बढ़ जाती है। गांव में पानी लाने की जिम्मेदारी ज्यादातर महिलाओं और बच्चों के कंधों पर है।
भीषण गर्मी और जल संकट के कारण ग्रामीणों का दैनिक जीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है क्योंकि दिन का बड़ा हिस्सा पानी जुटाने में निकल जाता है।
मामले पर जिला प्रशासन ने संज्ञान लिया है। जिला कलेक्टर ने कहा कि यह मामला हाल ही में उनकी जानकारी में आया है और जल्द राहत पहुंचाने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने पानी की समस्या के समाधान के लिए तत्काल कार्रवाई का भरोसा दिया है।
ग्रामीणों को उम्मीद है कि जल्द ही गांव में पानी के टैंकर भेजे जाएंगे और स्थायी जल व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी, ताकि उन्हें पीने के पानी जैसी बुनियादी जरूरत के लिए रोजाना संघर्ष न करना पड़े।
Author: JAN TV Editorial Team
DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।