सुजीत बोस को ईडी ने 11 मई को राज्य में कथित नगर निकाय भर्ती घोटाले से जुड़े धनशोधन मामले की जांच के दौरान गिरफ्तार किया था। इसके बाद उन्होंने अपनी गिरफ्तारी को चुनौती देते हुए उच्च न्यायालय का रुख किया।
मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति शम्पा दत्त (पॉल) की अवकाशकालीन पीठ ने की। अदालत ने फिलहाल बोस को किसी प्रकार की राहत देने से इनकार कर दिया, लेकिन ईडी को निर्देश दिया कि वह ग्रीष्मकालीन अवकाश समाप्त होने के बाद नियमित पीठ के समक्ष अपनी जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करे।
अदालत ने इस स्तर पर गिरफ्तारी को लेकर कोई अंतिम टिप्पणी नहीं की और मामले को आगे की सुनवाई के लिए नियमित पीठ के पास भेज दिया। हालांकि, अगली सुनवाई की कोई निश्चित तारीख अभी तय नहीं की गई है।
यह मामला पश्चिम बंगाल में नगर निकायों में कथित भर्ती अनियमितताओं और उससे जुड़े धनशोधन आरोपों की जांच से संबंधित है, जिसकी जांच ईडी कर रही है।
Author: JAN TV Editorial Team
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