इस ऐतिहासिक यात्रा की शुरुआत वर्ष 1826 में प्रकाशित पहले हिंदी साप्ताहिक समाचार पत्र ‘उदंत मार्तंड’ से मानी जाती है, जिसे हिंदी पत्रकारिता का प्रारंभिक स्तंभ कहा जाता है।
प्रदर्शनी का आयोजन Indira Gandhi National Centre for the Arts में किया गया, जहां ‘उदंत मार्तंड’ सहित कई ऐतिहासिक पत्रों के पहले पृष्ठ और दुर्लभ छवियां प्रदर्शित की गईं।
केंद्रीय मंत्री Jyotiraditya Scindia ने इस अवसर पर कहा कि हिंदी पत्रकारिता ने देश को जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और अनेक महान पत्रकारों व विचारकों ने इसके माध्यम से समाज में चेतना फैलाने का कार्य किया है।
वहीं माधवराव सप्रे मेमोरियल न्यूजपेपर म्यूजियम के संस्थापक Vijay Datt Shridhar ने बताया कि दुर्लभ अभिलेखीय सामग्री अक्सर व्यक्तिगत संग्रहों में सुरक्षित रहती है, जिन्हें संरक्षण की आवश्यकता होती है ताकि आने वाली पीढ़ियां इतिहास से जुड़ सकें।
कार्यक्रम के तहत यह प्रदर्शनी 31 मई तक जनता के लिए खुली रहेगी। इसके साथ ही हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूरे होने पर केंद्र और सप्रे मेमोरियल म्यूजियम द्वारा दो दिवसीय सेमिनार का भी आयोजन किया गया है।
Author: JAN TV Editorial Team
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