प्रारंभिक जांच में दिल्ली अग्निशमन सेवा ने कई गंभीर खामियों की ओर इशारा किया है। अधिकारियों के अनुसार इमारत में वैकल्पिक निकास मार्ग नहीं था, कई खिड़कियां बंद थीं जिससे धुएं के निकलने और हवा के प्रवाह का रास्ता बाधित हो गया था। इसके अलावा आग से बचाव के लिए जरूरी आंतरिक सुरक्षा प्रणाली भी पर्याप्त नहीं थी, जिससे लोगों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिल सका।
दिल्ली पुलिस ने इस मामले में गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया है और यह जांच की जा रही है कि कहीं होटल संचालन में नियमों का उल्लंघन तो नहीं हुआ था। जांच में सामने आया है कि बेड-एंड-ब्रेकफास्ट सुविधा के लिए कथित तौर पर केवल पांच या छह कमरों की अनुमति थी, जबकि परिसर में लगभग 25 कमरे संचालित किए जा रहे थे।
पूर्व आईपीएस अधिकारी अमोद कंठ ने सवाल उठाया कि सीमित अनुमति वाली बी एंड बी सुविधा को होटल की तरह संचालित करने की अनुमति कैसे दी गई और संबंधित निरीक्षण एजेंसियों ने समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं की। उन्होंने कहा कि दिल्ली में ऐसे कई प्रतिष्ठान हो सकते हैं जहां नियमों की अनदेखी कर व्यावसायिक गतिविधियां चलाई जा रही हैं।
शहरी मामलों के विशेषज्ञ जगदीश ममगई ने भी इस बात पर सवाल उठाया कि बेसमेंट में कथित रूप से व्यावसायिक गतिविधियां कैसे संचालित की जा रही थीं, जबकि नियमों के तहत इस प्रकार के उपयोग की अनुमति नहीं होती। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में स्थानीय प्रशासन, निगरानी एजेंसियों और अन्य जिम्मेदार संस्थाओं की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए।
यह हादसा उस समय हुआ है जब हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली के निकाय अधिकारियों को उन रिहायशी इमारतों का सर्वेक्षण करने का निर्देश दिया था, जिनका उपयोग व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किया जा रहा है। ऐसे में मालवीय नगर अग्निकांड ने राजधानी में भवन सुरक्षा, फायर सेफ्टी अनुपालन और अवैध व्यावसायिक संचालन के मुद्दे को फिर से केंद्र में ला दिया है।
जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि आखिर किन लापरवाहियों और नियम उल्लंघनों ने इस दर्दनाक हादसे को इतना भयावह बना दिया। इस घटना ने एक बार फिर यह याद दिलाया है कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी की कीमत कई बार लोगों को अपनी जान देकर चुकानी पड़ती है।
Author: JAN TV Editorial Team
DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।