पिछले तीन महीनों में यह दूसरी बार है जब घरेलू गैस सिलेंडर के दाम बढ़ाए गए हैं। इससे पहले 7 मार्च को सिलेंडर 60 रुपये महंगा हुआ था। इस तरह तीन महीने के भीतर घरेलू एलपीजी सिलेंडर कुल 89 रुपये महंगा हो चुका है।
सूत्रों के मुताबिक, सरकारी तेल कंपनियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी और घरेलू बिक्री पर लगातार हो रहे नुकसान के कारण यह फैसला लेना पड़ा। कंपनियों का दावा है कि उन्हें प्रत्येक घरेलू सिलेंडर पर करीब 703 रुपये का नुकसान हो रहा था और नई बढ़ोतरी के बाद भी इसकी केवल आंशिक भरपाई ही हो सकेगी।
घरेलू सिलेंडर के अलावा 5 किलोग्राम वाले एलपीजी सिलेंडर की कीमत में भी 11 रुपये का इजाफा किया गया है, जिसके बाद इसकी कीमत 821.50 रुपये हो गई है।
एलपीजी से पहले पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की कीमतों में भी लगातार बढ़ोतरी देखने को मिली है। मई महीने में पेट्रोल और डीजल के दाम कुल मिलाकर 7.50 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ चुके हैं, जबकि सीएनजी करीब 6 रुपये प्रति किलोग्राम महंगी हुई है।
तेल कंपनियों का कहना है कि पेट्रोल और डीजल की बिक्री पर भी उन्हें नुकसान उठाना पड़ रहा है। उनके अनुसार पेट्रोल पर लगभग 11 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 33.6 रुपये प्रति लीटर का नुकसान हो रहा है। हालांकि सरकार का दावा है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ी हुई कीमतों का पूरा बोझ उपभोक्ताओं पर नहीं डाला गया है और इसका एक हिस्सा तेल कंपनियां स्वयं वहन कर रही हैं।
Author: JAN TV Editorial Team
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