कंपनी के अनुसार, आग लगने के बाद सुरक्षा कारणों से नेटवर्किंग उपकरणों की बिजली आपूर्ति तत्काल बंद करनी पड़ी। इससे दिल्ली स्थित एक स्थानीय प्वाइंट ऑफ प्रेजेंस (POP) अस्थायी रूप से नेटवर्क से अलग हो गया और क्षेत्र में उपलब्ध नेटवर्क क्षमता कम हो गई।
Google Cloud ने अपने सर्विस हेल्थ डैशबोर्ड पर जानकारी देते हुए बताया कि मंगलवार देर रात शुरू हुई इस समस्या के कारण दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और आसपास के इलाकों से आने वाले नेटवर्क ट्रैफिक में समय-समय पर अधिक लेटेंसी और पैकेट लॉस की स्थिति देखी जा रही है।
स्थिति को संभालने के लिए Google ने प्रभावित दिल्ली सुविधा से बड़ी मात्रा में नेटवर्क ट्रैफिक को अन्य स्थानों पर रीरूट किया है। हालांकि, इससे अन्य नेटवर्क मार्गों पर अतिरिक्त दबाव बढ़ गया है, जिसके कारण विभिन्न महानगरों और क्षेत्रीय इंटरनेट सेवा प्रदाताओं (ISPs) के नेटवर्क पर भी रुक-रुक कर देरी की समस्या सामने आ रही है।
कंपनी ने कहा है कि इंजीनियरिंग टीमें अतिरिक्त ट्रैफिक मैनेजमेंट और नेटवर्क क्षमता बढ़ाने के उपायों पर काम कर रही हैं ताकि ग्राहकों पर प्रभाव को कम किया जा सके। Google का कहना है कि जब तक प्रभावित डेटा सेंटर पूरी तरह बहाल नहीं हो जाता, तब तक कुछ ग्राहकों को सामान्य से अधिक लेटेंसी और गैर-इष्टतम नेटवर्क रूटिंग का अनुभव हो सकता है।
इस घटना ने एक बार फिर डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की निर्भरता और डेटा सेंटर सुरक्षा की अहमियत को उजागर कर दिया है।
Author: JAN TV Editorial Team
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