राम मंदिर विवाद पर बोले योगी- SIT जांच पूरी होने तक कोई बयानबाजी न करे
(UTTARPRADESH, UTTARPRADESH) राम मंदिर में दान पात्र और वित्तीय प्रबंधन में कथित गड़बड़ी के मामले के बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी पक्षों से संयम बरतने और एसआईटी जांच पूरी होने तक किसी भी तरह की बयानबाजी से बचने की अपील की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जांच निष्पक्ष तरीके से चलने दी जाए और यदि किसी के पास कोई साक्ष्य है तो उसे सीधे एसआईटी को सौंपा जाए।

शुक्रवार को अयोध्या जिले के रुदौली विधानसभा क्षेत्र में 378 करोड़ रुपये की लागत से तैयार 126 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करने पहुंचे मुख्यमंत्री ने वीरांगना झलकारी बाई की प्रतिमा का भी अनावरण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय नायकों और वीरांगनाओं को सम्मान देने से देशभक्ति और राष्ट्रीय गौरव की भावना मजबूत होती है।

राम मंदिर से जुड़े विवाद पर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि मंदिर ट्रस्ट के अनुरोध पर एसआईटी का गठन किया गया है और जांच निष्पक्ष रूप से आगे बढ़ रही है।

योगी आदित्यनाथ ने कहा, "एसआईटी गठित हुई है। दूध का दूध और पानी का पानी होगा। मेरी सभी संबंधित लोगों से अपील है कि एसआईटी की रिपोर्ट आने तक कोई बयानबाजी कतई न करें। बीच-बीच में दिए जाने वाले बयान जांच को प्रभावित कर सकते हैं। जांच पूरी होने दें, उसके बाद यदि किसी पक्ष को कुछ कहना होगा तो एसआईटी उसके लिए तैयार होगी।"

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि कोई भी ऐसी अनर्गल टिप्पणी या बयान न दिया जाए जिससे करोड़ों रामभक्तों की भावनाएं आहत हों। उन्होंने दोहराया कि यदि किसी व्यक्ति के पास इस मामले से जुड़ा कोई प्रमाण या दस्तावेज है तो उसे सार्वजनिक बहस का विषय बनाने के बजाय जांच एजेंसी को सौंपना चाहिए।

राम मंदिर में दान राशि और वित्तीय प्रबंधन से जुड़े आरोपों की जांच फिलहाल एसआईटी कर रही है। मुख्यमंत्री की इस अपील को जांच प्रक्रिया को निष्पक्ष बनाए रखने और विवाद को अनावश्यक रूप से राजनीतिक रंग देने से रोकने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

Author: JAN TV Editorial Team

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