कुरियन ने बताया कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। उन्होंने 22 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर उन्हें व्यक्तिगत रूप से धन्यवाद दिया और इसी दौरान अपना इस्तीफा भी सौंपा। इस मुलाकात की एक अनौपचारिक तस्वीर भी उन्होंने सोशल मीडिया पर साझा की।
उन्होंने लिखा कि उनका राज्यसभा का कार्यकाल 21 जून को समाप्त हो गया था, लेकिन अगले दिन प्रधानमंत्री से मुलाकात संभव हो सकी। अपने संदेश में उन्होंने कहा कि यदि नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री नहीं बने होते, तो उन्हें केंद्रीय मंत्रिपरिषद में सेवा करने का अवसर कभी नहीं मिलता।
जॉर्ज कुरियन केंद्र सरकार में अल्पसंख्यक कार्य राज्य मंत्री के रूप में कार्यरत थे। इसके अलावा उनके पास मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय में राज्य मंत्री का अतिरिक्त प्रभार भी था। हाल ही में हुए राज्यसभा चुनाव में भाजपा ने उन्हें दोबारा उच्च सदन के लिए उम्मीदवार नहीं बनाया, जिसके बाद उनका संसदीय कार्यकाल समाप्त हो गया और संवैधानिक प्रावधानों के तहत उन्हें मंत्री पद से भी इस्तीफा देना पड़ा।
अपने विदाई संदेश में कुरियन ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में मिली जिम्मेदारी को अपने सार्वजनिक जीवन का सबसे बड़ा सम्मान बताते हुए सभी सहयोगियों और समर्थकों का भी आभार व्यक्त किया।
Author: JAN TV Editorial Team
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